Tuesday, 1 October 2024

Aarti - Mahavir Swami (भगवान-महावीर-आरती)

 भगवान-महावीर-आरती

ऊँ जय महावीर प्रभो, स्वामी जय महावीर प्रभो
कुण्डलपुर अवतारी, त्रिशलानन्द विभो

सिद्धारथ घर जन्मे, वैभव था भारी

बाल ब्रह्मचारी व्रत पाल्यौ तपधारी

आतम ज्ञान विरागी, सम दृष्टि धारी, 

माया मोह विनाशक, ज्ञान ज्योति जारी ॥२॥

जग में पाठ अहिंसा, आप ही विस्तार्यो, 

हिंसा पाप मिटाकर, सुधर्म परिचार्यो ॥३॥

 

इह विधि चाँदनपुर में, अतिशय दरशायो, 

ग्वाल मनोरथ पुर्यो दूध गाय पायो ॥४॥

अमर चन्द को सपना, तुमने प्रभु दीना, 

मन्दिर तीन शिखर का निर्मित है कीना ॥५॥

जयपुर नृप भी तेरे, अतिशय के सेवी, 

एक ग्राम तिन दीनों, सेवा हित यह भी ॥६॥

जो कोई तेरे दर पर, इच्छा कर आवे
होय मनोरथ पूरण, संकट मिट जावे ॥७॥


निशि दिन प्रभु मन्दिर में, जगमग ज्योति जरै
हम सब चरणों में, आनन्द मोद भरै ॥८॥

 

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